Vedanta Share Today: वेदांता लिमिटेड ने अपने बिजनेस को छह अलग-अलग इंडिपेंडेंट कंपनियों में विभाजित करने का ऐलान किया है। इस फैसले का उद्देश्य है कि हर कंपनी अपने-अपने क्षेत्र में विशेष फोकस कर सके और और भी अधिक दक्षता से काम कर सके। पहले कंपनी ने यह निर्णय लिया था कि बेस मेटल बिजनेस को पेरेंट कंपनी के साथ ही बनाए रखेगी, लेकिन अब 20 दिसंबर 2024 को इस योजना में बदलाव किया गया है। इस बार कंपनी ने ऐलान किया है कि बेस मेटल बिजनेस भी एक नई स्वतंत्र कंपनी के रूप में काम करेगा, जो नई और उन्नत तकनीकों के जरिए बेहतर प्रोडक्शन और संचालन को सुनिश्चित करेगा।
Vedanta Share Today Overview
विषय | महत्वपूर्ण बिंदु |
---|---|
डीमर्जर का उद्देश्य | वेदांता के बिजनेस को 6 स्वतंत्र कंपनियों में विभाजित करना ताकि प्रत्येक क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित किया जा सके। |
फैसले में बदलाव | पहले बेस मेटल बिजनेस को पेरेंट कंपनी के साथ रखा जाएगा, फिर इसे नई कंपनी में डिवाइड किया जाएगा। |
वोटिंग की प्रक्रिया | 18 फरवरी 2025 को शेयरधारक और क्रेडिटर्स वोट करेंगे। |
शेयरधारकों की मंजूरी | साधारण प्रस्ताव: 50% वोट, विशेष प्रस्ताव: 75% वोट आवश्यक हैं। |
डीमर्जर के बाद बनने वाली कंपनियां | वेदांता लिमिटेड, वेदांता एल्युमिनियम मेटल, वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता पावर, वेदांता स्टील एंड फेरस मटेरियल्स। |
नए शेयरों का लाभ | प्रत्येक शेयरधारक को डीमर्जर के बाद उनकी हिस्सेदारी के अनुसार नई कंपनियों में हिस्सेदारी मिलेगी। |
समयसीमा | यह प्रक्रिया मार्च 2025 तक पूरी हो जाएगी। |
मार्केट वैल्यूएशन का अनुमान | ब्रोकरेज फर्म एमके के अनुसार, वैल्यूएशन 1 लाख करोड़ तक बढ़ने की संभावना। |
लाभान्वित होने वाली कंपनियां | नई कंपनियां: जिंक, तांबा, एल्युमिना, तेल और गैस, बिजली उत्पादन, स्टील आदि। |
Vedanta Share Today: एक्सचेंज पर बड़ा अपडेट
Vedanta Share Today: हाल ही में, 17 जनवरी 2025 को कंपनी ने शेयर बाजार में एक बड़ा अपडेट साझा किया है। इसमें शेयरधारकों के सामने डीमर्जर की प्रक्रिया को लेकर वोटिंग का नोटिस दिया गया है। 18 फरवरी 2025 को यह वोटिंग होगी, जिसमें ना सिर्फ शेयरधारक बल्कि कंपनी के क्रेडिटर्स भी अपनी राय देंगे। इस प्रकार, यह प्रक्रिया उन सभी संस्थाओं को मौका देती है जो कंपनी की भविष्य की दिशा में रुचि रखते हैं। Today Share Market
डीमर्जर के लिए जरूरी मंजूरी
Vedanta Share Today: किसी भी महत्वपूर्ण बदलाव को लागू करने के लिए केवल बोर्ड की मंजूरी ही नहीं होती, बल्कि शेयरधारकों और अन्य संस्थागत निवेशकों की सहमति भी बहुत जरूरी होती है। इससे कंपनी के सभी स्टेकहोल्डर्स को फैसले की प्रक्रिया में भागीदारी का मौका मिलता है, जो पारदर्शिता को बढ़ावा देता है और कंपनी के प्रति विश्वास मजबूत करता है। यही कारण है कि वेदांता ने इस पूरे डीमर्जर को कई चरणों में पूरा करने का प्लान तैयार किया है। Today Share Market
ये भी पढ़े: Stock Market Update: बड़ी गिरावट के साथ खुला बाजार, सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा गिरा; 23,200 के नीचे फिसलाशेयरधारकों की मंजूरी प्रक्रिया
शेयरधारकों की मंजूरी पाने के लिए कंपनी को एक नियमित प्रक्रिया को अपनाना होता है। सबसे पहले बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से प्रस्ताव को मंजूरी दिलवाना होता है। उसके बाद, इस प्रस्ताव को शेयरधारकों के सामने रखा जाएगा। यह दो प्रकार के प्रस्तावों में प्रस्तुत किया जाएगा:
- साधारण प्रस्ताव: इसमें केवल 50% से अधिक शेयरधारकों की सहमति चाहिए होगी।
- विशेष प्रस्ताव: इसमें 75% से अधिक वोट की आवश्यकता होती है। इसके बाद, शेयरधारकों को इस पर अपनी राय देने के लिए ई-वोटिंग की भी सुविधा दी जाएगी, जिससे यह प्रक्रिया अधिक लोकतांत्रिक और पारदर्शी बन सके।
सेबी और नियामक मंजूरी (Regulatory Approvals)
शेयरधारकों की मंजूरी के बाद, सेबी (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) और अन्य नियामक एजेंसियों की सहमति भी अनिवार्य होगी। इन नियामकों की मंजूरी के बाद ही यह पूरा बदलाव कानून के अनुसार सही तरीके से लागू हो सकेगा। इसके बिना डीमर्जर पूरी तरह से वैध नहीं होगा।
ये भी पढ़े: Q3 Results Today: आज Wipro, Jio Financial, Tech Mahindra समेत 40 कंपनियों के Q3 नतीजे आएंगे, शेयरों पर रखें नजर; दिख सकता है एक्शनडीमर्जर के बाद बनने वाली नई कंपनियां
डीमर्जर के बाद वेदांता लिमिटेड के तहत बनने वाली छह प्रमुख कंपनियां काम करेंगी। इनमें से प्रत्येक कंपनी अलग-अलग उद्योगों में काम करेगी और स्वतंत्र रूप से अपने उत्पादों और सेवाओं को बेहतर तरीके से प्रस्तुत कर सकेगी।
- वेदांता लिमिटेड: इस कंपनी में हिंदुस्तान जिंक, जिंक इंटरनेशनल, थूथुकुडी में तांबा बिजनेस और फेकोर बिजनेस शामिल होंगे।
- वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड: झारसुगुड़ा और बाल्को में स्थित स्मेल्टर यूनिट्स, लांजीगढ़ एल्युमिना रिफाइनरी, बॉक्साइट खदानें, और कोयला खदानें इसमें शामिल होंगी।
- वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड: तेल और गैस अन्वेषण और उत्पादन गतिविधियों में लगेगी, जो कंपनी की ऊर्जा आधारित रणनीति को और सुदृढ़ करेगी।
- वेदांता पावर लिमिटेड: इस कंपनी में बिजली उत्पादन और वितरण से जुड़े कार्य होंगे, जो देश के कई हिस्सों में इलेक्ट्रिसिटी की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।
- वेदांता स्टील एंड फेरस मटेरियल्स लिमिटेड: इस कंपनी में स्टील और लौह अयस्क से जुड़ी तमाम गतिविधियां शामिल होंगी, जिससे देश के निर्माण उद्योग को नई ताकत मिलेगी।
शेयरधारकों के लिए संभावित फायदे
डीमर्जर के बाद, हर वेदांता के शेयरधारक को उनके मौजूदा शेयरों के अनुपात में नई कंपनियों में हिस्सेदारी मिलेगी। इसका सीधा मतलब है कि निवेशक अपने शेयरों का मूल्य बढ़ने की उम्मीद कर सकते हैं। वे इस प्रक्रिया से न केवल अपने निवेश की अधिकतम रिटर्न पा सकेंगे, बल्कि विभिन्न उद्योगों में हिस्सेदारी के जरिए अपने जोखिम को भी बेहतर तरीके से भांप सकते हैं। Today Share Market
ये भी पढ़े: Share Market Today: अमेरिकी बाजारों में गिरावट, एशिया में मिला-जुला कारोबार; कैसी होगी भारतीय शेयर मार्केट की शुरुआत?डीमर्जर की समयसीमा
वेदांता लिमिटेड ने इस पूरी डीमर्जर प्रक्रिया को मार्च 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद, प्रत्येक नई कंपनी पूरी तरह से स्वतंत्र होकर अपने व्यापार संचालन को अलग-अलग क्षेत्र में स्थापित कर सकेगी। यह कंपनी के शेयरधारकों के लिए एक सकारात्मक कदम होगा, क्योंकि नई कंपनियां अपने-अपने बाजारों में विस्तार करेंगी और बेहतर लाभांश भुगतान की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
ब्रोकरेज फर्म एमके का अनुमान
ब्रोकरेज फर्म एमके के अनुसार, डीमर्जर के बाद वेदांता ग्रुप के वैल्यूएशन में 1 लाख करोड़ तक की वृद्धि हो सकती है। इससे वेदांता की कुल मार्केट कैप मौजूदा 2 लाख करोड़ से बढ़कर 3 लाख करोड़ होने का अनुमान है। यह कंपनी के भविष्य में निवेश की संभावनाओं को और अधिक प्रबल करता है और शेयरधारकों को एक बड़ी वित्तीय लाभ की ओर अग्रसर करता है।
Disclaimer:
Disclaimer: Todaysharemarket.com पर व्यक्त किए गए विचार विशेषज्ञों के निजी विचार हैं। वेबसाइट या उसका प्रबंधन इन विचारों के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं लेगा। Today Share Market उपयोगकर्ताओं को सलाह देता है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले किसी प्रमाणित विशेषज्ञ से सलाह लें। निवेश संबंधी निर्णय लेना हमेशा जोखिम भरा होता है। इसलिए सावधानी बरतें और अपने वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लें।